कार्य एवं दायित्व

मत्स्य पालन विभाग देशभर में मत्स्य क्षेत्र के सतत विकास, विनियमन और प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कार्यों और दायित्वों का निर्वहन करता है।

विभाग के प्रमुख कार्य एवं दायित्व निम्नलिखित हैं:

  • समुद्री, आंतरिक एवं जलीय कृषि मत्स्य से संबंधित नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों का निर्माण एवं कार्यान्वयन।
  • जलीय संसाधनों के संरक्षण एवं सतत उपयोग को सुनिश्चित करने हेतु मत्स्य गतिविधियों का विनियमन और निगरानी।
  • मछुआरों, मत्स्य कृषकों और संबंधित हितधारकों के लिए कल्याणकारी योजनाओं एवं सहायता कार्यक्रमों का क्रियान्वयन।
  • मत्स्य अवसंरचना जैसे मछली पकड़ने के बंदरगाह, लैंडिंग सेंटर, हैचरी और कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का विकास एवं रखरखाव।
  • वैज्ञानिक मत्स्य पालन पद्धतियों, प्रौद्योगिकी के उपयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना।
  • योजना निर्माण एवं निर्णय प्रक्रिया हेतु मत्स्य संबंधी आंकड़ों का संग्रह, विश्लेषण और प्रसार।
  • केंद्र एवं राज्य सरकार की एजेंसियों, अनुसंधान संस्थानों और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय।
  • लागू मत्स्य कानूनों, नियमों और पर्यावरणीय विनियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करना।